रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष में एक नई सनसनीखेज घटना ने सबका ध्यान खींचा है। मॉस्को में रूसी लेफ्टिनेंट जनरल इगोर किरिलोव की हत्या ने रूस के शीर्ष सैन्य नेतृत्व को हिलाकर रख दिया है। किरिलोव, जो रूस की परमाणु, जैविक और रासायनिक सुरक्षा बलों के प्रमुख थे, अपने अपार्टमेंट से निकलते समय एक विस्फोटक से मारे गए। हमले में बम को एक स्कूटर में छिपाया गया था।
यूक्रेन की सुरक्षा सेवा ने ली जिम्मेदारी
यूक्रेन की सुरक्षा सेवा (एसबीयू) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। एसबीयू के एक अधिकारी ने इस कार्रवाई को “न्यायोचित” बताया और कहा कि किरिलोव पर यूक्रेनी सेना के खिलाफ प्रतिबंधित रासायनिक हथियारों के उपयोग का आरोप था। उनके अनुसार, “यह कार्रवाई रूसी आक्रमण के खिलाफ यूक्रेन की जवाबी रणनीति का हिस्सा है।”
रूस-यूक्रेन तनाव में इजाफा
यह घटना रूस और यूक्रेन के बीच पहले से ही तनावपूर्ण संबंधों को और अधिक बिगाड़ सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह हमला न केवल यूक्रेन की जवाबी कार्रवाई की क्षमता को दर्शाता है, बल्कि यह भी स्पष्ट करता है कि रूस अपने वरिष्ठ अधिकारियों को भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं रख सकता।
क्या है अगला कदम?
इस हमले के बाद क्रेमलिन ने इसे “आतंकवादी हमला” करार दिया है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इसका बदला लेने की चेतावनी दी है। वहीं, यूक्रेन ने संकेत दिया है कि वह रूस के शीर्ष अधिकारियों को निशाना बनाना जारी रखेगा।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
इस घटना को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी चिंतित है। पश्चिमी देशों ने इसे रूस-यूक्रेन संघर्ष के खतरनाक स्तर पर पहुंचने का संकेत बताया है।
यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि दोनों देश इस घटना के बाद क्या कदम उठाते हैं और यह हत्या वैश्विक राजनीति पर क्या असर डालती है।
यह स्वरूप समाचार वेबसाइट पर पेशेवर और पठनीय लगेगा।
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